Home राज्य उत्तर प्रदेश बदहाली के शिकार बस्ती के वन विहार को है विकास पुरुष का इंतजार

बदहाली के शिकार बस्ती के वन विहार को है विकास पुरुष का इंतजार

21 second read
0
0
866
बस्ती जनपद, बस्ती के वन विहार, संत रविदास वन विहार, जगदंबिका पाल

बस्ती। उप्र के बस्ती जनपद में 2003 से स्‍थापित वन विहार अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वन विहार की स्‍थापना शहर के नागरिकों के पिकनिक स्‍थल के रूप में की गई थी, जहां गेस्ट हाउस, स्टार वॉच टावर, नौका-विहार, बच्‍चों के लिए झूले, मछली घर सहित तमाम प्रकार की सुविधाओं के साथ पेड़ पौधे और बेहतर पार्क की भी स्थापना की गई।

बस्ती जनपद, बस्ती के वन विहार, संत रविदास वन विहार, जगदंबिका पाल

25 दिसंबर 1988 को संत रविदास वन विहार का हुआ था शिलान्‍यास

बस्ती की सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक कुआनो नदी के तट पर स्थापित वन विहार का शिलान्यास तात्कालिक वन राज्य मंत्री व बस्‍ती के विकास पुरुष कहे जाने वाले जगदंबिका पाल के द्वारा 25 दिसंबर 1988 को संत रविदास वन विहार के नाम से किया गया।

यह भी पढ़ें-

करोड़ों रुपए खर्च खर्च कर निर्माण कार्य होने के बाद 20 फरवरी 2003 को इसका लोकार्पण किया गया। इस दौरान वन विहार का विकास हुआ जिस में तमाम प्रकार की सुविधाओं के साथ पेड़ पौधे और बेहतर पार्क की भी स्थापना की गई मगर समय के साथ जैसे-जैसे कुआनो का पानी मैला होता गया उसी तरह वन विहार की शोभा को भी ग्रहण लगता गया।

बस्ती जनपद, बस्ती के वन विहार, संत रविदास वन विहार, जगदंबिका पाल

जहां पेपर मिल का पानी कुआनो को पूरी तरह से जहरीला कर चुका है, उसी तरह वन विहार का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। करीब 30 वर्ष बाद आज वन विहार बदहाली के दौर से गुजर रहा है इसके निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी वन विभाग की लापरवाही से आज बदहाल दिख रहा है।

प्रदेश व केंद्र सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है पर शायद वह भी यहां तक नहीं पहुंचा और स्थिति बिगड़ती जा रही है। हालत यह है कि एक ओर तो बदहाल पार्क, टूटे झूले, सूखे पेड़ हैं तो दूसरी तरफ नौका विहार में न नाव है और न ही पानी। हां, कुछ लोग तालाब में मछलियां पकड़ते जरूर जाते हैं।

यह भी पढ़ें-

ऐसा ही हाल वहां पर स्थापित कैंटीन और गेस्ट हाऊस का है। ऐसा लगता है कि कभी दरवाजे खुले ही नहीं और न ही कोई साफ-सफाई के सुधि लेने वाला है। बदहाली का आलम यह है कि लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया मछली घर खंडहर में तब्दील हो चुका है। कमरे में पड़े टूटे शीशे और शराब की बोतलें इसका सबूत है कि किसी ने उसकी तरफ देखा ही नहीं। बदहाल बन विहार की सुधि लेने वाला अभी तक कोई दिखा नहीं।

बस्ती जनपद, बस्ती के वन विहार, संत रविदास वन विहार, जगदंबिका पाल

स्थापना के 30 वर्ष बाद बदहाल वन विहार अपनी सुरक्षा, स्वच्छता और सुंदरीकरण की राह देख रहा है। उसे उस प्रथम विकास पुरुष का भी इंतजार है कि वह आएं और उसका उद्धार करें पर अभी तक ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

प्रदेश व केंद्र सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना जरूर देख रहे हैं पर बस्ती वन विभाग के अधीन वन विहार में व्याप्त भ्रष्टाचार की कोई सुधि नहीं ले रहा है। अगर जांच हो तो निश्चय ही कईयों के गले फस सकते हैं। सवाल यह भी है कि जब बस्ती में एक ही पार्टी के सांसद सहित पांच विधायक हैं तब भी बस्ती के वन विहार का विकास क्यों नहीं हुआ, नेता कब सोशल मीडिया से बाहर निकलकर बस्ती का विकास करेंगे ,आखिर कब मिलेगा वन विहार को उसका विकास पुरुष ?

यह भी पढ़ें-

इसको लेकर बातचीत करने पर जिला वन अधिकारी ने कहा कि वन विहार को बेहतर बनाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही उचित कार्यवाही की जाएगी।  वहीं सदर विधायक दयाराम चौधरी के प्रतिनिधि राजकुमार शुक्ला ने कहा कि वन विभाग से प्रस्ताव मांगा गया प्रस्ताव मिलते ही उचित कार्यवाही कर बेहतर बनाया जाएगा।

सवाल यह है कि अगर राजनेताओं और अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह समय से किया होता तो शायद आज वन विहार बदहाल न होता, देखना यह है सर्वे और विकास का इंतजार कर रहे वन विहार का विकास का कब होगा।

यह भी पढ़ें-

बस्तीः सम्पत्ति विवाद में मां-बाप की हत्‍या कर पंहुच गए थाने

बस्‍तीः कलवारी थाने का हिस्‍ट्रीशीटर दो किलो गांजे के साथ गिरफ्तार

बस्‍तीः तम्बाकू नियंत्रण पर कार्यशाला का आयोजन, नियम-कानूनों पर चर्चा

Live Now India पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi सबसे पहले Live Now India पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Live Now India App

Load More Related Articles
Load More By Mahendra tiwari
Load More In उत्तर प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

बस्‍तीः महिला हॉस्पिटल में जांच ने नाम पर अवैध वसूली, जिम्‍मेदार खामोश

बस्‍ती। योगी सरकार लाख दावा करे कि सरकारी हॉस्पिटल में मरीजों को हर सुविधा उपलब्‍ध कराई जा…