
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोच्चि-मंगलुरु प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी शामिल रहे। इस पाइपलाइन की लंबाई 450 किमी है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहली अंतरराज्यीय पाइपलाइन साल 1987 में कमीशन हुई थी। 2014 तक देश में 15,000 किमी नेचुरल पाइपलाइन बनी लेकिन आज देश में 16,000 किमी पाइपलाइन पर काम चल रहा है। ये काम अगले पांच साल में पूरा हो जाएगा।
पीएम मोदी ने बताया कि 2014 तक देश में सीएनजी गैस स्टेशन की संख्या 900 थी लेकिन पिछले छह साल में 1,500 नए स्टेशन बने हैं। अब देश में नए सीएनजी स्टेशन की संख्या दस हजार तक करने का लक्ष्य है।
पीएम मोदी ने कहा इस पाइपलाइन के निर्माण के दौरान 12 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजन हुआ है। पाइप लाइन के शुरू होने के बाद भी रोजगार और स्वरोजगार का एक नया इकोसिस्टम केरल और कर्नाटक में बहुत तेजी से विकसित होगा।
2014 तक हमारे देश में सिर्फ 25 लाख पीएनजी कनेक्शन थे। आज देश में 72 लाख से ज्यादा घरों की रसोई में पाइपलाइन से गैस पहुंच रही है। कोच्चि-मंगलुरु पाइपलाइन से 21 लाख नए लोग पीएनजी सेवा का लाभ ले पाएंगे।
पीएम ने कहा ये दोनों ही राज्यों में प्रदूषण कम करेगी। प्रदूषण कम करने का सीधा असर पर्यावरण पर होगा। पर्यावरण बेहतर होने से लोगों की सेहत अच्छी होगी और जब प्रदूषण कम होगा, शहरों में गैस आधारित सेवा होगी तो टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
ये पाइपलाइन शहरों में सिटी गैस डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम का माध्यम बनेगी। ये अनेक शहरों में सीएनजी आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित करने का भी माध्यम बनेगी।