
लखनऊ। लखनऊ के सांसद व केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को मध्य कमान के बेस अस्पताल की जमीन पर न्यू कमाण्ड अस्पताल की आधारशिला रखी। लगभग 900 बेड का नया अस्पताल तीन से चार साल में तैयार होगा।
इस अवसर पर सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल आईएस धूमन भी मौजूद रहे।
रक्षामंत्री ने कहा कि इंडो चाइना स्टैंड ऑफ के दौरान भारतीय सेना ने करिश्माई काम किया है, जिससे पूरे देश का हौसला बढ़ा है। देश का मस्तक ऊंचा हुआ है। न्यू कमांड अस्पताल के प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को हार्दिक बधाई।
उन्होंने कहा पिछला साल बाधाओं का साल था तो यह समाधान का साल है। पिछला निराशा से भरा था तो यह उत्साह से परिपूर्ण होगा। नेपाल के भी सर्विंग, रिटायर अफसरों की भी सेवा यह अस्पताल करता है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा 20 वर्षों से न्यू कमांड अस्पताल की बात चल रही थी लेकिन 2018 में पास हुआ था। कई कारणों से निर्माण कार्य टलता रहा। अब बाधाएं दूर कर दी गई हैं। यहां लगे पेड़ों को रिलोकेट किया जा रहा है, यह अच्छी बात है।
उन्होंने कहा कोविड की चपेट में पूरी दुनिया है। क्या कभी सोचा था कि बगैर धूमधाम के होली का त्योहार मनाएंगे। ईद ठीक तरह से नहीं मना पाएंगे। रेलें बंद हो जाएंगी, हवाईजहाज बंद हो जाएंगे।
आपदा आने के साथ ही निपटने के प्रयास शुरू कर दिए गए थे। पीएम लगातार बैठक करते थे। 2 लैब थीं, आज हजार से ज्यादा हैं।
मास्क, पीपीई किट नहीं थीं। वहीं अब मास्क, वेंटिलेटर बनाकर देश ही नहीं दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं।
डॉक्टर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ ने जोखिम न उठाया होता तो सारा इंफ्रास्ट्रक्चर धरा रह जाता। ये फ्रंट लाइन सोल्जर रहे। दो वैक्सीन स्वदेशी बनाई हैं, चार और आने वाली हैं। भारत अपनी नहीं पूरी दुनिया की चिंता करता है।
महात्मा गांधी ने स्वच्छ भारत का सपना देखा। दीन दयाल भी कहते थे मनुष्य तन, मन, बुद्धि, आत्मा से मिलकर बने हैं। इनके स्वास्थ्य की चिंता और संतुलन बना रहना चाहिए।
आज भी उतने अस्पताल नहीं हैं, जितने चाहिए। जीडीपी में भी हेल्थ सेक्टर में वृद्धि कर रहे हैं। मेडिकल में रिसर्च डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया है।आयुष्मान जैसी योजना दुनिया में नहीं है। दो साल में 1.5 से ज्यादा लोगों को लाभ मिला है।
प्राइमरी हेल्थ सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर की तरह विकसित कर रहे हैं। हर जिले में एक पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज होगा।
22 नए एम्स 6 महीने में बन गए। एमबीबीएस की तीस हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। निर्धारित समय मे अस्पताल बनकर तैयार हो, ऐसी कामना करता हूं।