सिटी ऑफ़ नवाब्स के नाम से मशहूर लखनऊ अपनी तहज़ीब, शानदार इमारतों, खूबसूरत बाग-बगीचों और लज़ीज़ व्यंजनों के लिए जाना जाता है। औपनिवेशिक आकर्षण और कलात्मक सौंदर्य का अनोखा मेल इसे यात्रियों के लिए ख़ास बनाता है। लेकिन अगर आप सोचते हैं कि लखनऊ की पहचान सिर्फ़ इतनी ही है, तो ज़रा इन अनोखे तथ्यों पर नज़र डालिए।
1. शतरंज की बिसात जैसी वास्तुकला
लखनऊ का चारबाग़ रेलवे स्टेशन ऊपर से देखने पर शतरंज की बिसात जैसा दिखाई देता है। ब्रिटिश आर्किटेक्ट जे. एच. हॉर्निमैन द्वारा डिज़ाइन किया गया यह स्टेशन गुंबदों और स्तंभों से सुसज्जित है और देश के सबसे सुंदर रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि ऊपर से यह सचमुच शतरंज के खेल जैसा प्रतीत होता है।
2. देश का सबसे ऊँचा घंटाघर
हुसैनाबाद क्लॉक टॉवर, 221 फीट की ऊँचाई पर खड़ा, भारत के सबसे ऊँचे घंटाघरों में से एक है। इसमें 14 फीट का पेंडुलम है और इसकी डिज़ाइन 12 पंखुड़ियों वाले फूल की तरह बनाई गई है। रूमी दरवाज़े के पास स्थित यह क्लॉक टॉवर गोथिक और विक्टोरियन वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।
3. बड़ा इमामबाड़ा – लखनऊ की भूलभुलैया
बड़ा इमामबाड़ा एशिया का सबसे बड़ा हॉल है, जो बिना किसी बीम या स्तंभ के खड़ा है। इसकी संरचना आठ अलग-अलग ऊँचाई वाली छतों से बनी है, जिनके बीच का स्थान भूलभुलैया (489 आपस में जुड़ी हुई दरवाज़ों वाली गैलरी) के रूप में प्रसिद्ध है।
4. भारत का सबसे लंबा रेसकोर्स
लखनऊ रेसकोर्स 1880 में स्थापित हुआ था और लगभग 70.22 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसका ट्रैक 3200 मीटर लंबा है। यही नहीं, यह देश का इकलौता ट्रैक था जहाँ घुड़दौड़ एंटीक्लॉकवाइज़ यानी उल्टी दिशा में होती थी। यहाँ पहली दर्ज की गई रेस 1883 में सिविल सर्विस कप रेस थी।
5. देश की पहली एसटीडी सेवा
क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली एसटीडी कॉल 1960 में लखनऊ और कानपुर के बीच की गई थी? इससे पहले कॉल करना केवल ऑपरेटर के माध्यम से ही संभव था।
6. एशिया का सबसे बड़ा पार्क
लखनऊ का जनेश्वर मिश्र पार्क 376 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और इसे एशिया का सबसे बड़ा पार्क माना जाता है। पार्क के अंदर दो कृत्रिम झीलें हैं, जहाँ प्रवासी पक्षी भी आते हैं। भविष्य में यहाँ लेज़र शो और टॉय ट्रेन जैसी सुविधाएँ जोड़ने की योजना भी है।
7. दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल
लखनऊ का सिटी मॉन्टेसरी स्कूल गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि इस स्कूल की शुरुआत सिर्फ़ पाँच बच्चों से हुई थी, और आज यह अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर अपनी बड़ी पहचान बना चुका है।
8. भारत का पहला CCTV शहर
लखनऊ को भारत का पहला CCTV सिटी कहा जाता है। 2015 में यहाँ 9000 से अधिक हाई-टेक कैमरे लगाए गए थे ताकि ट्रैफ़िक और अपराध पर नियंत्रण किया जा सके। सड़क किनारे लगे इन कैमरों की कीमत क़रीब 1 लाख रुपये प्रति कैमरा थी। कैमरों के साथ लगाए गए चेतावनी बोर्ड्स ने न केवल ट्रैफ़िक नियम तोड़ने वालों को रोका बल्कि अपराध दर भी घटा दी।







