
गाजियाबाद। गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में युवती से दुष्कर्म और हत्या से जुड़े 12वें केस में भी दोषी करार दिए गए नौकर सुरेंद्र कोली को शनिवार को फांसी की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा के साथ ही 1 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। कोली को पहले सभी 11 मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। सजा सुनने के बाद सुरेंद्र कोली ने कहा कि मेरे नसीब में फांसी ही है।
निठारी कांड के इसी 12वें केस में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट ने आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था।
इस मामले में कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंद्र कोली पर निठारी की युवती का अपहरण करने के बाद कोठी में दुष्कर्म कर हत्या और शव को छुपाने का आरोप था।
सीबीआई ने 2006 के निठारी कांड में बच्चियों के लापता होने और हत्या कर शव छुपाने के मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
आरोप था कि इन लोगों ने मासूम और नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी और फिर शवों को क्षत-विक्षत कर नाले में फेंक दिया था।
निठारी में 2006 में दिल दहला देने वाले 12 मामलों में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट भले ही फैसले सुना चुकी हो, लेकिन इसी कांड में 4 मामले अब भी कोर्ट में विचाराधीन हैं।
इन मामलों में भी अभी फैसला आना बाकी है। इसके साथ ही निठारी कांड से जुडे़ तीन मामले ऐसे भी हैं, जिन में आज तक कोई पर्दा नहीं उठ सका।