नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए द्वितीय राष्ट्रीय युवा संसद उत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले देश में ये धारणा थी कि कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है। लोग कहते थे कि सब कुछ बदल सकता है पर सियासत नहीं बदल सकती, लेकिन आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा हमारा युवा अपनी प्रतिभा और अपने सपनों के अनुसार खुद को विकसित कर सके इसके लिए आज एक माहौल तैयार किया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था हो, सामाजिक व्यवस्था हो या कानूनी बारीकियां, हर चीज में इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है।
पीएम ने कहा स्वामी जी की प्रेरणा ने आज़ादी की लड़ाई को नई ऊर्जा दी थी। गुलामी के लंबे कालखंड ने भारत को हज़ारों वर्षों की अपनी ताकत और ताकत के एहसास से दूर कर दिया था। स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को उसकी वो ताकत याद दिलाई और एहसास कराया।
स्वामी जी ही थे, जिन्होंने उस दौर में कहा था कि निडर, बेबाक, साफ दिल वाले, साहसी और आकांक्षी युवा ही वो नींव है जिस पर राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है। वो युवा शक्ति पर इतना विश्वास करते थे।
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमने पूरे देश में राज्य सरकारों के माध्यम से ‘अपने संविधान को जानें’ अभियान चलाने का फैसला किया है।
ओम बिरला ने कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व युवाओं ने बलिदान देकर जिस प्रकार से देश को आजाद कराया था, उसी तरह आज युवाओं को भारत को समृद्धि और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करना होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहें।