
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। इस अहम जीत में टीम के युवा खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में इन युवा क्रिकेटरों ने मौके का भरपूर फायदा उठाया और टीम को टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचाने में सफल रहे।
हालांकि अब जब रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी ठीक हो रहे हैं और वापसी के लिए तैयार हैं तो ऐसे में मुमकिन है कि इन युवा खिलाड़ियों को फाइनल खेलने का मौका न मिले।
ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं उन पांच खिलाड़ियों पर जिन्हें खिताबी मुकाबले से बाहर बैठना पड़ सकता है।
अक्षर पटेल:
स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिले मौके को जबरदस्त तरीके से भुनाया। चोटिल रविंद्र जडेजा की जगह पर टीम में शामिल होने के बाद उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 27 विकेट चटकाए, जिसमें चार बार पांच विकेट भी शामिल था।
अक्षर ने आखिरी टेस्ट में बल्ले से भी अहम योगदान दिया। हालांकि अब जब जडेजा अंगूठे की चोट से उबर चुके हैं और मैदान में वापसी को तैयार हैं तो ऐसे में अक्षर को मौका मिलना मुश्किल होगा।
टी नटराजन:
तमिलनाडु के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज टी नटराजन नेट गेंदबाज के रूप में ऑस्ट्रेलिया गए थे। लेकिन सीनियर खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया और प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला।
ब्रिस्बेन टेस्ट में डेब्यू करते हुए उन्हें मौके का भरपूर फायदा उठाया और शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने मार्नस लाबुशेन और मैथ्यू वेड का विकेट निकाला। हालांकि इस वक्त जब टीम में अनुभवी तेज गेंदबाजों की वापसी हो गई है और भारत के पास बहुत विकल्प हैं तो ऐसे में नटराजन को जगह मिलने की उम्मीद न के बराबर है।
वाशिंगटन सुंदर:
तमिलनाडु के 21 वर्षीय युवा ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टेस्ट में अश्विन के चोटिल होने के बाद खिलाया गया था। उन्होंने भी इस मैच में अपनी छाप छोड़ी और डेब्यू मैच में 62 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और विकेट भी निकाले।
भारत की जीत में उनका अहम योगदान रहा। इसके बाद सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ भी पहले और आखिरी टेस्ट में 85 और 96 रनों की नाबाद पारी खेली। हालांकि जडेजा की वापसी के बाद उनका प्लेईंग इलेवन का हिस्सा बनना भी कठिन होगा। उनसे पहले टीम प्रबंधन अनुभवी अश्विन, जडेजा या अक्षर पटेल को मौका देना चाहेगी।
शार्दुल ठाकुर:
महाराष्ट्र के 29 वर्षीय गेंदबाजी ऑलराउंडर को ऑस्ट्रेलिया में आखिरी टेस्ट मैच में खेलने का मौका मिला। ब्रिस्बेन में खेले गए निर्णायक मुकाबले में उन्होंने अपने दूसरे ही मैच में छाप छोड़ी और 67 रनों की मैच जिताऊ पारी के अलावा सात विकेट भी चटकाए।
हालांकि इसके बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मौका नहीं मिल पाया और अब जब सभी अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हो गई है तो टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह मुश्किल है।
मोहम्मद सिराज:
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू करने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने तेजी से टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। डेब्यू के बाद तीसरे मैच में ही उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व किया और पांच विकेट चटकाए।
उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया। सिराज अब प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को प्रभावित करने में सफल रहे हैं लेकिन इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव की मौजूदगी में सिराज को मौका मिलना मुश्किल ही होगा।