केदारनाथ: जहां बारिश और भूस्खलन ने रोकी कदमों की राह

उत्तराखंड

देहरादून, 14 अगस्त 2025: उत्तराखंड में आज मौसम और राजनीतिक घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे में तेज बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। इसके चलते सभी सरकारी स्कूलों को 14 और 15 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया गया है। नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।

उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में 5 अगस्त को बादल फटने की आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। अब तक 1,308 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 68 लोग अभी भी लापता हैं। खराब मौसम, मलबे और ऊंचे इलाकों की वजह से राहत कार्य में कठिनाई आ रही है, लेकिन प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है, जबकि राहत शिविरों में भोजन और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है।

राजनीतिक रूप से नैनीताल जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। बेतालघाट क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग की भी सूचना मिली, जिसमें एक युवक घायल हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। वहीं, टिहरी जिले में भाजपा की इशिता सजवाण ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

धार्मिक दृष्टि से, केदारनाथ यात्रा को भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्थगित कर दिया गया है। सोनप्रयाग में कुछ यात्रियों ने बैरियर तोड़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से घर पर सुरक्षित रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

साथ ही, उत्तराखंड सरकार ने जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। नए कानून के तहत दोषियों की संपत्ति कुर्क करने और जमानत की शर्तें कड़ी करने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना है।

कुल मिलाकर उत्तराखंड में मौसम, राजनीति, आपदा और कानून-संबंधी घटनाओं ने नागरिकों की सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता की अहमियत बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने, सरकारी निर्देशों का पालन करने और असुरक्षित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

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