||श्री कृष्ण||
दोस्तों, अब बस कुछ ही दिन बचे हैं और पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस साल भी मंदिरों से लेकर घरों तक, हर जगह सजावट का काम शुरू हो चुका है। बाजारों में राधा-कृष्ण की वेशभूषा, सजावटी झूले, मोरपंख, और मटकी की खूब बिक्री हो रही है।
गांव से लेकर शहर तक, गलियों में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देने लगी है। छोटे-छोटे बच्चे लड्डू गोपाल की तरह तैयार होने के लिए उत्साहित हैं। जगह-जगह रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट हो रही है और मंदिरों में फूलों की खुशबू फैल चुकी है।
दही-हांडी की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इस बार कई जगहों पर ऊंचाई और इनाम दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। युवाओं की टीमें अभ्यास में लगी हैं ताकि त्योहार के दिन रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकें।
सबसे खास पल होगा रात 12 बजे, जब पूरे देश में एक साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। घंटियों और शंखों की आवाज, “नंद के आनंद भयो” के जयकारों के साथ माहौल पूरी तरह भक्ति में रंग जाएगा।
प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए जा रहे हैं, ताकि भीड़भाड़ में किसी को कोई परेशानी न हो।
तो तैयार हो जाइए, इस जन्माष्टमी अपने नजदीकी मंदिर या पंडाल में जरूर जाएं, भजन सुनें, दही-हांडी का मज़ा लें और रात 12 बजे कृष्ण जन्म के साक्षी बनें।
2025 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार, 16 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की 5252वीं जयंती है।
शुभ मुहूर्त
समय: रात 12:04 बजे से 12:47 बजे तक (43 मिनट)
समय का महत्व: यह वही समय है जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए इस समय पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।