अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित कई उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि इससे अमेरिका में बिकने वाले भारतीय सामान न केवल महंगे हो जाएंगे बल्कि उनकी मांग पर भी सीधा असर पड़ेगा।
प्रभावित क्षेत्र
विशेषज्ञों के अनुसार, इन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना है:
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टेक्सटाइल और परिधान – भारत का बड़ा निर्यात सेक्टर, जहां कपड़े और होम टेक्सटाइल पर 60% तक शुल्क लगाया गया है।
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गहने और आभूषण – सोना, हीरे और ज्वेलरी पर 52% से ज्यादा टैरिफ, जिससे Surat और Mumbai जैसे केंद्र बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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समुद्री उत्पाद (विशेषकर झींगा) – झींगा पर अब कुल 33% शुल्क, जिससे अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होगी।
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रसायन और कार्बनिक केमिकल्स – ऑर्गेनिक केमिकल्स पर लगभग 54% तक टैरिफ।
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फर्नीचर और होम डेकोर – फर्नीचर, गद्दे और घरेलू सजावटी सामान पर 52–53% तक शुल्क।
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इंजीनियरिंग और मशीनरी उपकरण – मशीनरी और मैकेनिकल उपकरणों पर करीब 51% शुल्क।
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फुटवियर और लेदर प्रोडक्ट्स – जूते, बैग और बेल्ट जैसे उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे।
छोटे उद्योग और रोजगार पर असर
यह फैसला खासतौर पर MSME सेक्टर (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) को प्रभावित करेगा, क्योंकि इन क्षेत्रों से लाखों लोग रोजगार पाते हैं। टैरिफ बढ़ने से भारत के छोटे उद्योग अमेरिकी बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा खो सकते हैं।
कौन से सेक्टर सुरक्षित हैं?
फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयाँ) और सेमीकंडक्टर्स को फिलहाल छूट दी गई है। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार भविष्य में इन पर भी भारी टैरिफ लगाने की आशंका जताई जा रही है।