अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली और हज़ारों लोग बेघर हो गए। इस आपदा की घड़ी में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत ने सोमवार को 21 टन राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी, जिसमें ज़रूरी दवाइयाँ, खाद्य सामग्री, तंबू, कम्बल और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
भारत की मानवीय पहल
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारत हमेशा से अफगान जनता के साथ खड़ा रहा है। जब भी अफगानिस्तान किसी संकट से गुज़रा है, भारत ने आगे बढ़कर सहायता दी है। इस बार भी राहत सामग्री तेजी से भेजी गई ताकि प्रभावित लोगों तक समय रहते ज़रूरी सामान पहुँच सके।
राहत सामग्री में क्या-क्या है
भारत द्वारा भेजी गई 21 टन राहत सामग्री में शामिल हैं:
-
जीवनरक्षक दवाइयाँ और मेडिकल किट्स
-
तंबू और अस्थायी आश्रय बनाने का सामान
-
पैक्ड फूड और सूखा राशन
-
ठंड से बचाव के लिए कम्बल और कपड़े
-
प्राथमिक उपचार के लिए चिकित्सा उपकरण
भूकंप से तबाही का आलम
अफगानिस्तान के कई प्रांतों में आए इस भीषण भूकंप ने सैकड़ों परिवारों को तबाह कर दिया है। कई गाँव पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए, स्कूल और अस्पताल ढह गए। स्थानीय प्रशासन के पास संसाधनों की कमी है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय सराहना
भारत के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। संयुक्त राष्ट्र और कई वैश्विक संस्थानों ने कहा है कि ऐसी मदद आपदा प्रभावित लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है। पड़ोसी देशों से सहयोग अफगानिस्तान की स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं। मानवीय संकट के समय भारत हमेशा अफगान लोगों के साथ खड़ा रहा है और इस बार की राहत सामग्री उसी का उदाहरण है।