अमित शाह
आज संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनका सीधा असर देश की राजनीति और शासन व्यवस्था पर पड़ सकता है। इन विधेयकों में सबसे मुख्य और चर्चित है संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025।
इस विधेयक के अनुसार, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री गंभीर अपराधों के आरोप में 30 दिनों से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे अपने पद से हटा दिया जाएगा, भले ही अभी दोष सिद्ध न हुआ हो। इसका उद्देश्य अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाना बताया गया है।
विधेयक पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया। कांग्रेस के सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक की प्रतियाँ फाड़ दीं, और कई अन्य विपक्षी सदस्य भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी दलों का कहना था कि यह विधेयक राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार बन सकता है और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
हालांकि, इसके बावजूद, लोकसभा ने विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पारित कर दिया। समिति अब इन विधेयकों का गहराई से अध्ययन करेगी और आवश्यक सिफारिशें पेश करेगी।
इस कदम को सरकार ने लोकतंत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने वाला बताया है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहा है।