अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही, हिंदू-सिख समुदाय ने बढ़ाया मदद का हाथ

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप ने सैकड़ों जिंदगियों को संकट में डाल दिया है। रविवार को पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसके बाद कई आफ्टरशॉक्स ने दहशत और बढ़ा दी।

मंगलवार को भी 5.2 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि प्रभावित लोगों की संख्या सैकड़ों से लेकर हजारों तक हो सकती है।

राहत कार्यों में भारी कठिनाई
भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य बेहद कठिन हालात में चल रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानों के गिरने से कई रास्ते बंद हो गए हैं। हाल की भारी बारिश ने भी काम में बाधा डाली है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित प्रांतों में काम कर रहे मानवीय सहायता कर्मियों को संचार और संपर्क बनाए रखने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

हिंदू और सिख समुदाय ने बढ़ाया मदद का हाथ
इस संकट की घड़ी में अफगानिस्तान का हिंदू और सिख समुदाय भी मदद के लिए आगे आया है। काउंसिल ऑफ हिंदू एंड सिख माइनॉरिटीज ऑफ अफगानिस्तान के अध्यक्ष मंजीत सिंह लांबे ने बताया कि विदेशों में बसे अफगान हिंदू-सिख प्रवासियों और विश्व हिंदू संघ के सहयोग से राहत सामग्री पूर्वी प्रांतों में भेजी गई है।

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घटती आबादी के बीच बड़ा योगदान
भूकंप प्रभावित इलाकों में जलालाबाद भी शामिल है, जो ऐतिहासिक रूप से सिख समुदाय के लिए अहम है क्योंकि यहां गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार स्थित है। हालांकि, आज अफगानिस्तान में हिंदू-सिखों की संख्या बेहद कम रह गई है।

  • 1970 के दशक में यह संख्या सात लाख से अधिक थी।
  • 2021 तक यह घटकर केवल 150 के आसपास रह गई।
  • 2019 में निर्वाचन आयोग के अनुसार, देशभर में कुल 1,105 हिंदू और सिख मतदाता दर्ज थे, जिनमें से अधिकांश काबुल और नंगरहार में रहते थे।

इन हालात के बावजूद समुदाय ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए पीड़ितों तक मदद पहुंचाने की पहल की है।

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तालिबान प्रशासन की अपील
तालिबान प्रशासन, जो पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सहायता में कटौती का सामना कर रहा है, ने वैश्विक समुदाय से तत्काल सहयोग की गुहार लगाई है। अब तक 40 देशों ने काबुल से संपर्क किया है, लेकिन केवल रूस ने ही तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दी है।

भारत की मानवीय मदद
भारत ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता भेजते हुए 1,000 तंबू और 15 टन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा नई दिल्ली ने काबुल को आश्वस्त किया है कि दवाइयों और खाद्य सामग्री की आपूर्ति निरंतर जारी रखी जाएगी।

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