परिवहन विभाग की नई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री बोले– समय की रफ्तार से कदम मिलाना होगा

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ, डिजिटल लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने परिवहन विभाग को विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बताते हुए कहा कि यह विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे समय की मांग के अनुसार और आधुनिक तथा प्रतिस्पर्धी बनाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के पास देश में सबसे बड़ा बस बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को सेवाएं देना एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को 3 दिन तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह की योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

समय के अनुरूप योजनाओं की जरूरत

योगी ने कहा कि कोई भी समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो वह पिछड़ जाता है, लेकिन समय से आगे बढ़ने की क्षमता रखने वाला ही विजयश्री का ध्वज फहराता है। उन्होंने विभाग से अल्पकालिक (3 वर्ष), मध्यम अवधि (10 वर्ष) और दीर्घकालिक (22 वर्ष) योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। साथ ही निर्देश दिया कि फाइलें लंबित रखने की आदत समाप्त करनी होगी और जनसुनवाई को तेजी से निपटाना होगा।

संकट की घड़ी में विभाग की मिसाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने हमेशा संकट की घड़ी में समाज का भरोसा जीता है। 2019 प्रयागराज कुंभ, 2020 की कोरोना महामारी और हालिया प्रयागराज महाकुंभ के दौरान करोड़ों यात्रियों व प्रवासियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाने का कार्य विभाग ने बखूबी किया।

सड़क सुरक्षा बड़ी चुनौती

योगी ने सड़क हादसों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि हर साल जितनी मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं, उतनी तीन वर्षों की कोरोना महामारी में भी नहीं हुईं। इनमें ज्यादातर युवा होते हैं, जिससे परिवार उजड़ जाते हैं। उन्होंने आदेश दिया कि बस चालकों का मेडिकल और फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य किया जाए, विशेषकर आंखों की जांच।

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जागरूकता और तकनीकी मदद

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाने, IIT खड़गपुर जैसी संस्थाओं से तकनीकी सहयोग लेने और स्कूलों में ट्रैफिक नियमों की शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर सख्ती जरूरी है।

प्रकृति के अनुरूप विकास

योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस द्वारा विकसित ऐप से कई स्थानों पर हादसों में उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेट ज़ीरो एमिशन लक्ष्य को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट और गांव-गांव कनेक्टिविटी से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि करीब 3 लाख रोजगार भी सृजित होंगे।

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आधुनिक बस स्टेशन और इलेक्ट्रिक बसें

मुख्यमंत्री ने बस स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने, अव्यवस्थित खड़ी बसों को रोकने और यात्रियों को स्वच्छ व सुरक्षित माहौल देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशनों के विकास में निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ ही पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति और ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह और परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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