Brain Eating Amoeba: केरल में शनिवार सुबह मस्तिष्क संक्रमण से जुड़ी बीमारी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित एक और मरीज की मौत हो गई। इस साल इस बीमारी से राज्य में मरने वालों की संख्या सात हो गई है।
Brain Eating Amoeba: केरल में ब्रेन ईटिंग अमीबा के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो गई है जिससे राज्य में दहशत का माहौल है। इस बीमारी से इस साल कोझिकोड में ही 4 लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने जागरूकता अभियान चलाया है और पानी को क्लोरिनेट करने का काम किया जा रहा है।’ब्रेन ईटिंग अमीबा’ का शिकार रहे राथेश नामक 45 वर्षीय युवक ने भी आज सुबह दम तोड़ दिया है। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल (KMCH) में राथेश का इलाज चल रहा था। उसे तेज बुखार और जुकाम था। वहीं, अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
क्या है अमीबा
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक तरह का संक्रमण है जो अमीबा नाम के जीव के कुछ रोगाणु द्वारा फैलता है। यह जीव इंसानों के मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। चूंकि यह जीव पानी में पाए जाते हैं इसीलिए यह बीमारी आमतौर पर उन लोगों को प्रभावित करती है जो पानी के पूल या इस तरह के अन्य स्रोतों में तैराकी करते हैं।
कैसे फैलाते हैं बीमारी
अमीबा नाक और दिमाग से जुड़े छिद्रों या कान के पर्दे के जरिए दिमाग में प्रवेश कर सकते हैं। जानकारों के मुताबिक संक्रमण की स्थिति में मृत्यु दर बहुत अधिक है। हालांकि फिलहाल इसके मनुष्य से मनुष्य में नहीं फैलने के संकेत नहीं मिले हैं।
क्या है लक्षण?
अमीबा से संक्रमण होने पर लक्षण आमतौर पर संपर्क के पांच से दस दिनों के अंदर दिखाई देते हैं। लोगों को तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, और रोशनी देखने में परेशानी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि तैराकी करने वाले लोगों को अगर बुखार की शिकायत हो तो उन्हें तुरंत डॉक्टर मिलना चाहिए। लोगों को ठहरे हुए पानी में तैराकी से बचने, तैरते समय नाक पर क्लिप लगाने और स्विमिंग पूल और वाटर थीम पार्क में पानी का उचित क्लोरीनीकरण करने की भी सलाह दी गई है।