National Handloom Day 2025: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल के माध्यम से देश के बुनकरों को शुभकामनाएं दीं और हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। मंत्रियों ने भारतीय हथकरघा की सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत की हथकरघा परंपरा सांस्कृतिक समृद्धि और शिल्प कौशल का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हथकरघा क्षेत्र में किए गए प्रयासों, जैसे सूत सब्सिडी, बुनकर मुद्रा योजना, टेक्सटाइल पार्क, उत्पाद प्रमाणन और विपणन सहायता से जोड़ने की पहल को रेखांकित किया। इन कदमों ने उद्योग को नई ऊर्जा दी और विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाया।
Warm greetings to all fellow citizens on the occasion of #NationalHandloomDay.
India’s handloom tradition is one of the oldest in the world — a symbol of our cultural richness and craftsmanship. For decades, it remained neglected, but under the leadership of Modi Ji, the sector… pic.twitter.com/mPpurxY8kN
— Amit Shah (@AmitShah) August 7, 2025
भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थानों के विस्तार और विश्वकर्मा योजना के तहत कौशल विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास बुनकरों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हथकरघा को भारतीय संस्कृति की अनमोल विरासत बताया और बुनकरों को बधाई दी। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाने और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
हमारे कर्मशील बुनकरों और हस्तशिल्पी साथियों को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
हथकरघा भारतीय संस्कृति की अनमोल विरासत है, जो हमें हमारी परंपराओं से जोड़ता है।
आइए, #NationalHandloomDay पर हम सब मिलकर हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने, स्वदेशी को अपनाने और… pic.twitter.com/uxOyBi1BPJ
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 7, 2025
तो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुनकरों की कालातीत कला और शिल्प कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि हथकरघा न केवल कपड़ा बुनता है, बल्कि परंपरा और गौरव की कहानियां भी गढ़ता है।
On this National Handloom Day, let’s celebrate the timeless artistry, heritage, and craftsmanship of India’s weavers. Their threads weave not just fabric, but stories of tradition and pride. Let’s support and promote our handloom sector for a more sustainable and culturally rich… pic.twitter.com/2zuPWy3jbh
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) August 7, 2025
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वहीं, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हथकरघा को ‘नए भारत’ की विकास यात्रा का हिस्सा बताया और बुनकरों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वदेशी को बढ़ावा देने और ‘लोकल फॉर वोकल’ के मंत्र को आत्मसात करने की अपील की।
अपनी कला और कौशल से ‘नए भारत’ की विकास यात्रा को गति प्रदान करने वाले कर्मशील बुनकर भाई-बहनों को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
हथकरघा उद्योग हमारी परंपरा रही है और हमारी पहचान भी।
आइए, #VocalForLocal के मंत्र को आत्मसात कर हम सभी हथकरघा उत्पादों को… pic.twitter.com/IevG8s69Vb
— Manohar Lal (@mlkhattar) August 7, 2025
केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने बुनकरों की कला को भारत की सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बुनकरों का कौशल देश के स्वाभिमान को मजबूत करता है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सभी बुनकरों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां। आपकी उंगलियों का जादू सिर्फ कपड़े नहीं बुनता, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का स्वाभिमान भी गढ़ता है।#NationalHandloomDay#NHD2025#MyHandloomMyPride pic.twitter.com/PRa8hB3Dhn
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) August 7, 2025
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