भारत–जापान रिश्तों में नया अध्याय

 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं जहाँ वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वाँ वार्षिक शिखर सम्मेलन (Summit) करेंगे। इस दौरे को भारत–जापान साझेदारी के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

 2008 सुरक्षा समझौते का अपग्रेड

भारत और जापान 2008 के Declaration on Security Cooperation को आधुनिक स्वरूप देने जा रहे हैं। इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास, रणनीतिक संवाद और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

 

 क्वाड और महत्वपूर्ण खनिज

दोनों देश QUAD (भारत, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया) सहयोग को बढ़ावा देंगे। खासकर महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और समुद्री सुरक्षा पर फोकस रहेगा, ताकि चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित किया जा सके।

 

 मेक इन इंडिया और निवेश

जापानी कंपनियां भारत में बड़े स्तर पर निवेश की योजना बना रही हैं। लगभग 68 अरब डॉलर का निवेश अगले कुछ वर्षों में होने की संभावना है। इसमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक उत्पादन प्रमुख सेक्टर होंगे।

 

 दौरे का महत्व

इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रिश्ते और गहरे होंगे।

रक्षा सहयोग मज़बूत होगा

निवेश और व्यापार बढ़ेगा

हिंद–प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन बनेगा

 

भारत–जापान की यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे एशिया–प्रशांत क्षेत्र की शांति और विकास के लिए अहम साबित होगी।

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