संभल की हिंदू आबादी में गिरावट, जाँच कमेटी ने CM योगी को सौंपी रिपोर्ट

Sambhal Violence Report: उत्तर प्रदेश के संभल में हुए दंगों की जांच के लिए गठित न्यायिक समिति ने पाया कि शहर में हिंदुओं की जनसंख्या में काफी गिरावट आई है। 450 पन्नों की रिपोर्ट में दंगों के इतिहास का पूरा विवरण देगी।

Sambhal Violence Report: उत्तर प्रदेश के संभल की डेमोग्राफी को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है. इसके मुताबिक, संभल में केवल 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं. बाकी सब पलायन कर गए. आजादी के बाद संभल नगर पालिका में 45% हिंदू थे. इसके बाद से यहां की डेमोग्राफी बदलती गई. तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है. आयोग के सदस्य पूर्व डीजीपी एके जैन ने कहा कि सीएम योगी को आज सुबह 10 बजे रिपोर्ट सौंप दी गई. ये पूरी तरह से गोपनीय रिपोर्ट है। 

संभल पर बनी जांच कमेटी की रिपोर्ट में क्या-क्या?  

  • प्वॉइंट नंबर-1 संभल में हिंदू आबादी सिर्फ 20% बची
  • प्वॉइंट नंबर-2 संभल में आजादी के बाद कुल 15 दंगे हुए
  • प्वॉइंट नंबर-3 संभल कई आतंकवादी संगठनों का अड्डा बना
  • प्वॉइंट नंबर-4 अमेरिका ने मौलाना सनाउल हक को आतंकवादी घोषित किया
  • प्वॉइंट नंबर-5 संभल में अवैध हथियार नारकोटिक्स गैंग सक्रिय

संभल में हिंदुओं को मारे जाने का था प्लान  

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि संभल में हिंदुओं को मारे जाने का पूरा प्लान बना लिया गया था और दंगे के लिए बाहर से दंगाई बुलवाए गए थे। हिंदू मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी की वजह से हिंदू बच पाए थे। संभल में तुर्क पठानों ने आपसी रंजिश में एक-दूसरे को मारा था। तुर्क और कन्वर्टेड हिंदू पठानों के बीच हुई फायरिंग में 4 लोगों की हुई मौत हुई थी।

पूर्वनियोजित थी हिंसा- रिपोर्ट

जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि 22 नवम्बर 2024 को सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के विवादित भाषण ने हिंसा की नींव रखी। उन्होंने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा था, “हम इस देश के मालिक हैं, नौकर-गुलाम नहीं। मस्जिद थी, मस्जिद है और कयामत तक रहेगी। अयोध्या जैसा यहां नहीं होने देंगे।” इसके बाद 24 तुर्क और पठान समुदायों के बीच संघर्ष भड़क गया। रिपोर्ट में दावा है कि इस पूरे षड्यंत्र में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, विधायक के पुत्र सुहैल इकबाल और इंतेजामिया कमेटी के पदाधिकारी मुख्य भूमिका में थे।