Indigo Airlines: कोलकाता जा रहे इंडिगो के विमान की अचानक इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. घटना के समय विमान में 272 यात्री सवार थे. सभी यात्री सुरक्षित हैं.
Indigo Airlines: नागपुर से कोलकाता जा रहे एक विमान की अचानक इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. एक पक्षी के टकराने के बाद विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था. तभी पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग कराने का फैसला लिया. विमान में 272 यात्री सवार थे.
दरअसल, विमान पक्षी से टकरा गया था इसी के बाद पायलट ने नागपुर में आपातकालीन लैंडिंग कराई. घटना के समय विमान में 272 यात्री सवार थे. हवा में एक पक्षी से टकराने की वजह से विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. पायलट की समय पर की गई कार्रवाई की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया. सभी यात्री सुरक्षित हैं. किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है.
विमान के पक्षी से टकराने के बाद वो लड़खड़ाने लगा. इसी के बाद लोगों में हड़कंप मच गया. सभी लोग घबरा गए और दहशत में आ गए. लोगों से शांत रहने की अपील की गई. पायलट ने अपनी सूझ-बूझ का इस्तेमाल करके फौरन सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई.
मामले में जांच के आदेश
विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद अब सीनियर एयरपोर्ट डायरेक्टर आबिद रूही का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, इंडिगो की नागपुर-कोलकाता उड़ान संख्या 6E812 पर पक्षी के टकराने की आशंका है. हम घटना की जांच कर रहे हैं.
There has been a suspected bird strike on IndiGo’s 6E812 Nagpur-Kolkata flight. We are trying to analyse what has happened. More details awaited: Abid Ruhi, Senior Airport Director, Nagpur Airport, Maharashtra
— ANI (@ANI) September 2, 2025
पहले भी कई मामले हुए
बता दें कि इससे पहले ऐसा ही एक मामला 2 जून को भी सामने आया था. झारखंड की राजधानी रांची जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को बर्ड हिट के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी. अधिकारियों ने बताया था कि पक्षी के टकराने की वजह से आपातकालीन लैंडिंग हुई और विमान में सवार सभी 175 यात्री सुरक्षित थे.
रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे के निदेशक आरआर मौर्य ने बताया था, इंडिगो का एक विमान रांची के पास एक पक्षी से टकरा गया. यह घटना लगभग 10 से 12 समुद्री मील दूर, लगभग 3,000 से 4,000 फीट की ऊंचाई पर हुई.
बर्ड हिट है खतरा
इमरजेंसी लैंडिंग के पीछे का कारण बर्ड हिट था यानी पक्षियों का टकराना. पक्षियों के टकराने को एविएशन इंडस्ट्री में एक गंभीर खतरे के रूप में देखा जाता है. खासकर टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय यह गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.