Karam festival 2025: पूरे देश में आज करमा पूजा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और सौहार्द का प्रतीक है, साथ ही यह हमें प्रकृति-संरक्षण का संदेश भी देता है।
राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “सभी देशवासियों को ‘करमा पूजा’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भाई-बहन के बीच स्नेह व सौहार्द का प्रतीक, यह पर्व हमें प्रकृति-संरक्षण का संदेश भी देता है। इस पावन अवसर पर मैं समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती हूं।”
सभी देशवासियों को ‘करम पूजा’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भाई-बहन के बीच स्नेह व सौहार्द का प्रतीक, यह पर्व हमें प्रकृति-संरक्षण का संदेश भी देता है। इस पावन अवसर पर मैं समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती हूं।
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 3, 2025
देश भर से आ रही बधाई
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने लिखा कि करमा पूजा लोक आस्था का पर्व है, जो भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की मंगलकामना की।
प्रकृति पर्व करमा पूजा की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
यह लोकपर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ ही प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन का संदेश देता है।
यह पर्व सभी के जीवन में स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि लाए, यही मेरी मंगलकामना है।#करमा_पूजा pic.twitter.com/31vfszMaNa— Governor of Jharkhand (@jhar_governor) September 3, 2025
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी करमा पूजा की बधाई दी और लोगों से अपील की कि वे प्रकृति की रक्षा करने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का संकल्प लें।
🌿🙏 जोहार! 🙏🌿
प्रकृति पर्व करमा पूजा की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए, यही कामना करता हूं। आइए, हम सब मिलकर प्रकृति की रक्षा करने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का संकल्प लें। pic.twitter.com/JhDwIFTA0F— Arjun Munda (@MundaArjun) September 3, 2025
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसे भाई-बहन के प्रेम और खुशहाली का प्रतीक बताते हुए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक, प्रकृति महापर्व करमा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।
यह पर्व आप सभी के जीवन में सुख समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आए, यही मंगलकामना करता हूँ।#KarmaPuja2025 pic.twitter.com/VnGURB2VzV
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 3, 2025
भाजपा सांसद ढुलू महतो ने भी करमा पूजा की बधाई देते हुए प्रार्थना की कि मां प्रकृति सभी को ऊर्जावान, स्वस्थ और समृद्ध बनाए।
आप सभी को प्रकृति की उपासना व भाई-बहन के अटूट प्रेम के मनोहर पर्व करमा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।
माँ प्रकृति आप सभी को सदैव ऊर्जावान, स्वस्थ और समृद्ध बनाये रखें। #karmapuja pic.twitter.com/2lFAkBiFkI
— ढुलू महतो (@dhullu_mahto) September 3, 2025
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करमा पूजा का महत्व
करमा पूजा मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों में धूमधाम से मनाई जाती है। यह त्योहार खासकर आदिवासी और ग्रामीण समुदायों में बेहद लोकप्रिय है।
- इसे भाई-बहन के अटूट संबंध का प्रतीक माना जाता है।
- इस दिन महिलाएं और बहनें व्रत रखकर करम वृक्ष की पूजा करती हैं और अपने भाइयों की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं।
- साथ ही यह त्योहार पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का भी प्रतीक है।
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समाज और संस्कृति से जुड़ा पर्व
करमा पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह त्योहार लोगों को एकजुट करता है और समाज में भाईचारे का संदेश देता है।
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