प्रदेश का महाब्रिज, ऊपर 6 लेन पर दौड़ेंगे वाहन, नीचे 4 ट्रैक पर ट्रेनें…

UP Signature Bridge: वाराणसी को मोदी सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. सरकार 2464 करोड़ की लागत से सिग्नेचर ब्रिज बनने जा रहा है.

UP Signature Bridge: रिपोर्ट्स के अनुसार यह ब्रिज काशी से चंदौली को जोड़ने वाला होगा. ब्रिज के ऊपर 6 लेन की सड़क होगी तो वही नीचे 4 लेन के रेलवे ट्रैक को तैयार किया जाएगा.इसके लिए एक ओर जहां सिग्नेचर ब्रिज के टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर रेलवे ट्रैक को बनाने का काम भी शुरू होने जा रहा है.

बता दें कि वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है. यहां पर सिर्फ दो रेलवे लाइन है जिस वजह से कोलकाता, पटना, रांची,झारखंड इत्यादि क्षेत्रो को जाने वाली ट्रेनों को खास दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यहां ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है लेकिन अब डबल रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतरने के साथ यहां पर न सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि रेलवे को एक नया सपोर्ट भी मिलेगा कनेक्टिविटी और बेहतर होगी.

दो नई रेलवे लाइनः इस बारे में उत्तर रेलवे की अपर रेल मंडल प्रबंधक बृजेश कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी डीडीयू के बीच दूर रेल लाइन बिछाने का काम जल्दी शुरू किया जाएगा. इंजीनियर इस पर काम कर रहे हैं. इसके बन जाने से ट्रेनों की समय घटेगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और इसके साथ ही इस ट्रैक पर पड़ने वाला प्रेशर भी काम होगा.

कितना बजट: रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार की ओर से सिग्नेचर ब्रिज को तैयार करने के लिए 2464 करोड़ का बजट पास किया है, जिनमें 1400 करोड़ रुपए से सिग्नेचर ब्रिज को बनाया जाएगा और लगभग 1052 करोड़ रुपए की लागत से इस रेलवे ट्रैक को तैयार किया जाएगा. बची हुई राशि को अन्य मदों में खर्चा किया जाएगा.

कैसे होगा ब्रिज का स्ट्रक्चर: रिपोर्ट्स के अनुसार यह रेलवे ट्रैक सिग्नेचर ब्रिज के नीचे होगा. सिक्स लेन का सिग्नेचर ब्रिज सड़क मार्ग के लिए होगा और नीचे फोरलेन का रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा.दो लाइन पहले से ही काशी स्टेशन से मालवीय पुल से कनेक्ट हो रही है अब दो और बनाई जाएगी.उन्होंने बताया कि, सिग्नेचर ब्रिज सिक्स लेन जा होगा और सिक्स लेन के रेलवे ट्रैक की कैपिसिटी भी होगी. उन्होंने बताया कि,इससे चार रेलवे जोन का कनेक्शन बनता है.

सिग्नेचर ब्रिज: बताते चले कि यह दो नई रेलवे ट्रैक लाइन सिग्नेचर ब्रिज का हिस्सा है, जिसे 2028 तक तैयार किया जाना है. बीते महीना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव में अपने प्रेजेंटेशन में सिग्नेचर ब्रिज का डीपीआर फाइनल किया था.

उन्होंने बताया था कि,आने वाले 100 साल पहले की रेलवे और सड़क व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाना है. इसे 150 साल के लिए तैयार किया जाएगा जो 137 साल पुराने मालवीय पुल के समानांतर तैयार किया जाएगा.

इससे काशी, चंदौली, बिहार,एमपी, छत्तीसगढ़, उड़ीसा में कनेक्टिविटी बढ़ेगी. यह सिग्नेचर ब्रिज नदी से सात से 120 फीट गहरा होगा. उसके ऊपर पिलर और फिर उसके ऊपर ब्रिज तैयार किया जाएगा,1 किलोमीटर लंबी यह ब्रिज होगी जो काशी रेलवे स्टेशन से भी जुड़ेगी. इस ब्रिज की खासियत यह है कि इस ब्रिज के ऊपर सिक्स लेन की सड़क होगी नीचे फोरलेन का रेलवे ट्रैक होगा.

उन्होंने बताया कि काशी से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की ओर लगभग 90 यात्री ट्रेनें और 60 गुड्स ट्रेन गुजरती हैं. यदि दोनों आने जाने के फेरो को देखे तो 300 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन यहां पहले से मौजूद दो लाइनों पर होता है, जो की अपर्याप्त है.ऐसे में डेडीकेटेड दो नए रेलवे ट्रैक को बढ़ाया जा रहा है जो कनेक्टिविटी को बेहतर कर सकेगी.

उन्होंने बताया कि, इसके साथ ही यह एक फीडर रूट भी होगा जो DDU में मौजूद डीएफसी से विकास नगर वाले रूट को जोड़ेगा, जहां से गुड्स ट्रेनों को खास सुविधा मिलेगी और वहां से सोन नगर और आगे की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी.