NIRF Ranking 2025: NIRF की रैंकिंग में IITs का जलवा, आईआईटी कानपुर ने लहराया परचम

NIRF Ranking 2025: एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के संस्थानों ने अच्छा प्रदर्शन किया है कई शीर्ष 100 में शामिल हैं। बीएचयू और एएमयू विश्वविद्यालयों में आगे रहे पर कॉलेजों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

NIRF Ranking 2025: मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के द्वारा हर साल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की एक रैंकिंग जारी की जाती है, जोकि नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क ( NIRF) द्वारा निकली जाती है. इस बार यानी साल 2025 रैंकिंग में रांची स्थित बीआईटी मेशरा ने टॉप 55 इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी जगह बना ली है. यहां के बच्चों का करोड़ों के पैकेज में सेलेक्शन होता है। आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ जैसे संस्थानों ने भी अच्छा स्थान प्राप्त किया।

 IITs का दबदबा कायम

ओवरऑल कैटेगरी में IIT मद्रास नंबर-1 पर, वहीं IISc बैंगलुरु दूसरे स्थान पर रहा। लेकिन सबसे गर्व की बात  उत्तर प्रदेश के लिए है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT कानपुर 4th रैंक पर और IIT BHU वाराणसी 10th स्थान पर शामिल हुआ है। मेडिकल कैटेगरी में लखनऊ का SGPGI (संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट) देशभर में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं BHU वाराणसी यूनिवर्सिटी कैटेगरी में भी टॉप-10 में अपनी जगह बनाए हुए है। तो ये है NIRF 2025 की बड़ी तस्वीर है, जहां IITs का दबदबा कायम है, वहीं उत्तर प्रदेश ने इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनों में शानदार परफॉर्मेंस दी है।

टॉप 10 इंस्टीट्यूट: ओवरऑल कैटेगरी

1. आईआईटी,मद्रास

2. IISc, बैंगलुरू

3. आईआईटी, बॉम्बे

4. आईआईटी, दिल्ली

5. आईआईटी, कानपुर

6. आईआईटी, खड़गपुर

7. आईआईटी, रुड़की

8. एम्स, दिल्ली

9. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली

10. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी

हालांकि, कुछ श्रेणी में प्रदेश के संस्थान पीछे रहे हैं, जैसे कि टाप 100 कॉलेजों की सूची में उत्तर प्रदेश का एक भी कॉलेज शामिल नहीं हो पाया। राज्य विश्वविद्यालयों को भी अभी सुधार करने की जरूरत है। जारी रैंकिंग में स्किल यूनिवर्सिटी श्रेणी में भी प्रदेश का कोई संस्थान टाप तीन में नहीं पहुंच पाया। निजी विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग संस्थानों में भले ही कुछ नाम उभरे हों, लेकिन कई सरकारी विश्वविद्यालय और कॉलेज अब भी पिछड़ेपन की जद में हैं।