National Sport Day: देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक नेताओं ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि मेजर ध्यानचंद की उत्कृष्टता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत में खेलों का परिदृश्य लगातार बदल रहा है और युवा प्रतिभाओं को पोषित करने, बुनियादी ढांचे के विकास और एथलीटों को समर्थन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
Greetings on National Sports Day! On this special occasion, we pay tribute to Major Dhyan Chand Ji, whose excellence continues to inspire generations.
In the last decade, India’s sporting landscape has undergone a remarkable transformation. From grassroots programmes that…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद की अटूट लगन की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हॉकी में भारत का परचम लहराया। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने उन्हें ‘कोटिश: नमन’ किया और उनके जीवन और परिश्रम को प्रेरणा स्रोत बताया।
हॉकी में भारत की प्रतिभा का पूरी दुनिया में परचम लहराने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी को उनकी जयंती पर नमन और सभी को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
गुलामी के दौर में सीमित संसाधनों के बीच मेजर ध्यानचंद जी ने जिस अटूट लगन और मेहनत से हॉकी की दुनिया में अपना… pic.twitter.com/BES119fuDp
— Amit Shah (@AmitShah) August 29, 2025
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मेजर ध्यानचंद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और वर्तमान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में मजबूत खेल संस्कृति के निर्माण और युवा प्रतिभाओं को पोषित करने का प्रयास लगातार जारी है।
On the National Sports Day, I pay my heartfelt tributes to the great sporting legend, Major Dhyan Chand. His legacy continues to inspire generations. I also salute India’s sportspersons who are making the nation proud with their skills and achievements.
Under the inspiring…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 29, 2025
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इस अवसर पर नेताओं के संदेशों से स्पष्ट हुआ कि मेजर ध्यानचंद की विरासत आज भी भारतीय खेलों में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है और देश में खेलों के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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