Lucknow News: लखनऊ में बुधवार को पुलिस ने एक फर्जी IAS को गिरफ्तार किया है। वह यूपी सरकार के कई कार्यक्रमों में बतौर विशेष सचिव शामिल हो चुका है।
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में शहीद स्मारक के पास एक कार सवार युवक ने चेकिंग के दौरान खुद को आईएएस अफसर बताकर पुलिस को फर्जी विजिटिंग कार्ड थमा दिया। कार में लाल-नीली बत्तियां मिलने पर सख्ती से पूछताछ की गई जिसमें उसकी पोल खुल गई। वजीरगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर मऊ निवासी सौरभ त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सरकारी अफसर बनकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और इनोवा समेत 6 लग्जरी गाड़ियां और फर्जी सरकारी पास बरामद किए हैं।
चेकिंग के दौरान खुली पोल
वजीरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि नेतृत्व में कारगिल शहीद पार्क पर की जा रही चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति से पूछताछ की गई तो उसने खुद को IAS अधिकारी बताया। रौब झाड़ते हुए पुलिस के सामने दबदबा दिखाने का प्रयास करने लगा। शक होने पर जब उसकी पहचान और दस्तावेजों की पुलिस ने गहन जांच की गई तो पूरा खेल उजागर हो गया।
6 लग्जरी गाड़ियां भी बरामद
आरोपी सौरभ त्रिपाठी न सिर्फ फर्जी पहचान पत्र लेकर घूम रहा था, बल्कि वह सरकारी विभागों से फायदा उठाने और आम लोगों को प्रभावित करने के लिए फर्जी आदेश-पत्र और पास का भी इस्तेमाल करता था। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर डिफेंडर, फॉर्च्यूनर, इनोवा समेत कुल 6 लग्जरी गाड़ियां बरामद कीं। सभी गाड़ियों में अलग-अलग सरकारी विभागों और वीआईपी पास लगे थे, जो जांच में पूरी तरह फर्जी पाए गए।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से हुई पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों का लाभ उठा चुका है। आपको बता दें कि कारगिल शहीद पार्क पर चेकिंग के दौरान पकड़े गए इस ठग की करतूतों ने प्रशासनिक महकमे में भी सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कई राज्यों में सक्रिय था और वहां भी ठगी की घटनाएं कर चुका है।