Lucknow News: राजधानी लखनऊ में नगर निगम की बैठक के दौरान सदन में हंगामा हो गया। बीजेपी के पार्षद के गंभीर आरोप मेयर गुस्सा गई। उन्होंने कहा कि बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तमीज से बोलिए।
Lucknow News: लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में सदन का आयोजन किया जा रहा है। सदन के शुरुआत से ही पार्षद सभी वार्डों में 40-40 लाख रुपए देने की मांग उठा रहे हैं। इसको लेकर पार्षदों-मेयर में बहस जारी है। सफाई कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन में असमानता का मुद्दा गरमाया। भाजपा से इस्तीफा दे चुके पार्षद मुकेश सिंह मोंटी ने बड़ा आरोप लगाते हुए सदन छोड़ दिया। बीजेपी के पार्षद के गंभीर आरोप मेयर गुस्सा गई। उन्होंने कहा कि बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तमीज से बोलिए।
स्ट्रीट लाइट टेंडर पर उठा घोटाले का सवाल
मोंटी ने ऐलान किया कि वह अब भाजपा के साथ नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि 4 नवंबर की बैठक में भी उन्होंने भाजपा की सीट छोड़कर सपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच बैठकर विरोध दर्ज कराया था। मोंटी ने आरोप लगाया कि मार्ग प्रकाश विभाग में स्ट्रीट लाइट मेंटिनेंस के लिए कराए गए टेंडर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। पहले टेंडर की 23 शर्तें थीं, जिन्हें घटाकर 18 कर दिया गया। इसके बाद दोबारा टेंडर मंगाए गए, लेकिन उसमें केवल एक ही ठेकेदार ने हिस्सा लिया।
सदन भाजपा पार्षद धरने पर बैठे
लखनऊ नगर निगम में पार्कों के रखरखाव के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। भाजपा, सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने पार्कों के रख रखाव को वार्ड-वार लागू करने की मांग की, जिसे मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी स्वीकार कर लिया। अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राव ने कहा सदन निर्णय नहीं ले सकता है। इससे नाराज भाजपा पार्षद रंजीत सिंह अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राव के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में अन्य भाजपा पार्षद भी शामिल हो गए। इस घटना से नाराज मेयर सुषमा खर्कवाल मीटिंग छोड़कर चली गईं। जिससे कुछ देर बाद दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई।
विपक्ष और कुछ भाजपा पार्षदों का समर्थन
मोंटी के आरोपों का समर्थन करते हुए कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि सिंगल टेंडर किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। कई भाजपा पार्षदों ने भी माना कि सिंगल टेंडर को मंजूरी देना नियमों के खिलाफ है। पार्षदों ने नगर आयुक्त को घेरते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साध रखी है। इससे शहर को भारी नुकसान हो सकता है।
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पार्षद मुकेश सिंह मोंटी ने सदन छोड़ा
नगर निगम की बैठक में मुकेश सिंह मोंटी ने वेतन असमानता का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को 20,000 और बाकी को केवल 8 से 9 का वेतन मिल रहा है। इस मामले की मुकेश सिंह मोंटी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिस पर कुछ पार्षदों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस विरोध के कारण मुकेश सिंह मोंटी सदन की कार्यवाही छोड़कर चले गए। इस घटना ने नगर निगम के भीतर वेतन वितरण को लेकर चल रहे तनाव को उजागर किया है।
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विवाद उस समय और भड़क गया जब अपर नगर आयुक्त ने खड़े होकर कहा कि इस विषय पर निर्णय लेने का अधिकार सदन को नहीं है। हालांकि अपर नगर आयुक्त ने कहके उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। हालांकि पार्षद उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। पार्षद और भड़क उठे और सदन का माहौल नियंत्रण से बाहर हो गया। नारे गूंजने लगे के आवाज दो हम एक हैं, तानाशाही नहीं चलेगी!
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