विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने भरा नामांकन, इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेता रहे मौजूद

I.N.D.I.A. Vice President candidate Nomeenation: इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को शीर्ष विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

रेड्डी का मुकाबला एनडीए उम्मीदवार और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल व वरिष्ठ भाजपा नेता सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। चुनाव 9 सितंबर को होना तय है।

नामांकन के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, डीएमके नेता और अन्य दलों के शीर्ष नेता मौजूद रहे। विपक्षी नेताओं के अनुसार, विभिन्न दलों के लगभग 80 सांसदों ने रेड्डी की उम्मीदवारी के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं।

नामांकन दाखिल करने के बाद रेड्डी ने कहा कि वे “विनम्रता, जिम्मेदारी और संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता” के साथ राजनीतिक क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह चुनाव केवल दो व्यक्तियों के बीच की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के संविधान निर्माताओं के विचारों और लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती का चुनाव है।

यह भी पढ़ें…

Fiji के प्रधानमंत्री का तीन दिवसीय भारत दौरा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

रेड्डी ने कहा, “भारत की असली ताकत हर व्यक्ति की गरिमा, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और विविधता में एकता में निहित है। संसद को ईमानदारी से काम करना चाहिए, असहमति का सम्मान होना चाहिए और संस्थाओं को निष्पक्षता व स्वतंत्रता के साथ कार्य करना चाहिए।”

उपराष्ट्रपति पद की भूमिका को उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका प्रयास संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखने का होगा। उन्होंने वचन दिया कि यदि निर्वाचित होते हैं तो वे निष्पक्षता, गरिमा और संवाद की संस्कृति को कायम रखेंगे।

यह भी पढ़ें…

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

इंडिया ब्लॉक के समर्थन के लिए आभार जताते हुए रेड्डी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने उन पर भरोसा जताया है और यह लड़ाई न्याय, समानता और एकता की सामूहिक भावना को आगे बढ़ाने की है।

यह भी पढ़ें…

संसद का मानसून सत्र आज होगा समाप्त, विपक्षी हंगामे के बीच सरकार ने पेश किए कई अहम विधेयक