Archana Tiwari Case : इंदौर से कटनी जा रही नर्मदा एक्सप्रेस में सफर के दौरान रहस्यमय ढंग से लापता हुई अर्चना तिवारी को जीआरपी ने नेपाल से बरामद कर लिया है। लंबे समय तक तलाश के बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित पाकर भोपाल लाया।
इससे पहले मंगलवार सुबह उनके मुंहबोले भाई ने परिवार के सदस्यों को अर्चना से फोन पर बात होने की जानकारी दी तो उसके साथ होई अनहोनी की आशंका दूर होने से सबने राहत की सांस ली।
GRP पुलिस ने किया खुलासा
अर्चना कुछ दिन शुजालपुर और हैदराबाद में रही, जिसके बाद सारांश ने उन्हें नेपाल के काठमांडू में छोड़ दिया और स्वयं इंदौर लौट आया। इस बीच जीआरपी ने कॉल डिटेल के आधार पर सारांश तक पहुंचकर पूरी कहानी का खुलासा किया।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि, कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन पर वो अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच की बी-3 सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थी। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास तक वो अपनी सीट पर नजर आई, लेकिन इसके बाद से उसका कही कोई पता नहीं चला। उसका फोन भी बंद हो गया। सहयात्रियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि, युवती वॉशरूम जाने की कहकर सीट से उठी थी। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि वह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतर गई थी, लेकिन वापस ट्रेन में सवार नहीं हुई।
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8 अगस्त की सुबह उमरिया में रहने वाले अर्चना के मामा स्टेशन पर उसे लेने पहुंचे तो काफी देर प्लेटफॉर्म पर इंजजार करने के बाद जब उन्होंने ट्रेन के भीतर जाकर देखा तो उन्हें संबंधित सीट पर अर्चना का पर्स मिला, जिसमें बच्चों के लिए खिलौने, कुछ सामान और राखी रखी थी। एक बैग में उसके कपड़े भी सुरक्षित रखे मिले, लेकिन अर्चना अपनी सीट पर नहीं थी। यात्रियों ने मामा को बताया कि, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद से ही अर्चना अपनी सीट पर नहीं आई थी।
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पुलिस ने लगा दिया था पूरा जोर
गलों और रेलवे ट्रैक के आसपास तलाशी की जा रही थी। सीसीटीवी खंगाले जा रहे थे। साइबर पुलिस भी जुटी हुई थी। उधर, लखीमपुर खीरी से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल जीआरपी पिछले तीन दिन से युवती की तलाश में डेरा डाले हुए थी। दरअसल, पुलिस को सूचना मिल गई थी कि वह नेपाल भागने की फिराक में है। इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, बुधवार को तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
मुंहबोले भाई से हुई बात, ग्वालियर के सिपाही से पूछताछ
मंगलवार सुबह अर्चना की उनके मुंहबोले भाई और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिव्यांशु अंशु मिश्रा से पहले बात हुई। उसने स्वजन को अर्चना के सकुशल होने की जानकारी दी। वहीं, जीआरपी ने ग्वालियर में तैनात सिपाही राम तोमर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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