JPSC रिजल्ट में देरी से अभ्यर्थियों का गुस्सा… रांची में प्रदर्शन, शीघ्र घोषणा की मांग

JPSC Result: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं के परिणाम लंबे समय से लंबित रहने के कारण अभ्यर्थियों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया।

सोमवार को राजधानी रांची स्थित आयोग कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने धरना-प्रदर्शन किया और पारदर्शी एवं समयबद्ध परिणाम घोषित करने की मांग की।

अभ्यर्थियों का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी परीक्षा आयोजित तो कराता है, लेकिन परिणाम घोषित करने में महीनों की देरी करता है। इस कारण अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) परीक्षा का हवाला देते हुए छात्रों ने बताया कि 56 पदों पर नियुक्ति के लिए 27 मई 2024 को परीक्षा हुई थी। इसका विज्ञापन जून 2023 में निकला था और 10 जून 2024 को साक्षात्कार की तिथि भी निर्धारित कर दी गई थी। लेकिन अब तक न तो रिजल्ट जारी हुआ और न ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है।

सीडीपीओ परीक्षा भी विवादों में
इसी तरह, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) की प्रारंभिक परीक्षा 10 जून 2024 को आयोजित की गई थी। परिणाम 15 जुलाई को घोषित हुआ। इसके बाद मात्र 16 दिन की तैयारी अवधि देकर 2 से 4 अगस्त तक मुख्य परीक्षा करा दी गई। इस परीक्षा के आधार पर 64 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं, जिनमें 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया।

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स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर भी असर
छात्रों ने यह भी कहा कि राज्य में फूड सेफ्टी ऑफिसरों की कमी के कारण मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जांच एजेंसियों की सक्रियता न होने से आम जनता की सेहत खतरे में है। इसी तरह, सीडीपीओ पदों की नियुक्ति लंबित रहने से बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

हर बार आंदोलन करने को मजबूर
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब जेपीएससी ने छात्रों को निराश किया हो। पहले भी सिविल सर्विस परीक्षा के परिणाम जारी कराने के लिए महीनों तक आंदोलन करना पड़ा था। उनका आरोप है कि जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था लगातार लापरवाही बरत रही है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

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आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि आयोग शीघ्र रिजल्ट घोषित नहीं करता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि जेपीएससी की कार्यप्रणाली से हजारों छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है, जिसके खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

जेपीएससी के परिणामों में हो रही देरी सिर्फ अभ्यर्थियों की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और लोक सेवाओं पर भी पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि आयोग छात्रों की आवाज़ को कितनी गंभीरता से लेता है और लंबित परिणामों को घोषित करने की दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है।

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