Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 की सरगर्मियों ने राज्य की राजनीति को पहले ही गरमा दिया है। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के बीच जुबानी जंग ने तूल पकड़ लिया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर भाजपा-जदयू गठबंधन पर निशाना साधते हुए बीते 20 वर्षों को “दो पीढ़ियों की बर्बादी” करार दिया और सरकार से 10 बड़े सवाल पूछे। जवाब में जदयू ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए उनके नाम “TEJASHWI” का व्यंग्यात्मक फुल फॉर्म साझा किया और उन्हें अयोग्य व पाखंडी तक कह डाला।
तेजस्वी यादव का हमला: 10 तीखे सवाल
तेजस्वी यादव ने पिछले 20 वर्षों को बिहार की दो पीढ़ियों के लिए ‘बर्बादी’ का काल बताते हुए कहा, जब वोट मांगने आएं तो भाजपा-जदयू से ये सवाल ज़रूर पूछिए. इसके साथ उन्होंने बिहार की बदहाली को लेकर 10 तीखे सवाल पूछे. तेजस्वी यादव ने जो सवाल पूछे, वे इस प्रकार हैं:
- बिहार सबसे गरीब राज्य क्यों है?
- महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?
- स्वास्थ्य व्यवस्था बेकार क्यों है?
- अपराध इतना क्यों है?
- भ्रष्टाचार इतना क्यों है?
- बेरोजगारी चरम पर क्यों है?
- पलायन मजबूरी क्यों बना हुआ है?
- स्कूल भवन क्यों नहीं बनते?
- उद्योग क्यों नहीं आते?
- शिक्षा व्यवस्था इतनी जर्जर क्यों है?
तेजस्वी ने दावा किया कि भाजपा और जदयू इन सवालों का जवाब देने से हमेशा बचते रहे हैं और यही उनकी नाकामी को साबित करता है।
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जदयू का पलटवार: व्यंग्यात्मक “TEJASHWI”
तेजस्वी के सवालों पर जदयू नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि तेजस्वी केवल आलोचना करते हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस विकास योजना नहीं है। उन्होंने तेजस्वी के नाम “TEJASHWI” का फुल फॉर्म इस प्रकार डिकोड किया:
T – Troublemaker (उपद्रवी)
E – Escapist (पलायनवादी)
J – Jealous (ईर्ष्यालु)
A – Arrogant (अभिमानी)
S – Selfish (स्वार्थी)
H – Hypocrite (पाखंडी)
W – Wasteful (फिजूलखर्ची)
I – Incompetent (अयोग्य)
नीरज कुमार ने उन्हें “पूर्ण अहंकारी” करार देते हुए कहा कि राजद का अतीत ही “जंगलराज” की पहचान है।
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चुनाव से पहले बयानबाज़ी और तेज होगी
तेजस्वी यादव इन दिनों “नौकरी दो या सत्ता छोड़ो” और “वोटर अधिकार यात्रा” जैसे अभियानों से युवाओं और बेरोजगारों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, जदयू और भाजपा लगातार राजद पर हमला बोल रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में चुनावी तारीखें घोषित होने से पहले ही जिस तरह से बयानबाज़ी तेज हो चुकी है, उससे आने वाले हफ्तों में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ेगी। जहां तेजस्वी सरकार को विफल करार देंगे, वहीं जदयू और भाजपा उन्हें “विकास विरोधी” और “जंगलराज का वारिस” बताकर घेरने की रणनीति पर काम करेंगे।
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