Suprime Court: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के ट्रायल पर रोक लगा दी और निर्देश दिया कि निचली अदालत न तो चार्जशीट पर संज्ञान ले और न ही आरोप तय करे।
अली खान को मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सोशल मीडिया पोस्ट करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने ऑपरेशन से जुड़ी नियमित प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
हरियाणा पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें से एक मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जबकि दूसरे मामले में चार्जशीट पेश की गई है। पहला मामला गांव जटेड़ी के सरपंच की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 196, 197, 152 और 299 के तहत दर्ज किया गया था।
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वहीं, दूसरा मामला हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी और आयोग के नोटिस की अवहेलना का आरोप शामिल था। इस मामले में बीएनएस की धारा 353, 79, 152 और 169(1) के तहत केस दर्ज किया गया।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। अब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले की अगली सुनवाई तक ट्रायल पर रोक जारी रहेगी।
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