लोकसभा में ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध का बिल पेश, वारंट के बिना गिरफ्तारी का प्रावधान

Online Gaming Bill: केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग (आरएमजी) प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने वाला ड्राफ्ट बिल पेश किया है। ‘द प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025’ शीर्षक वाले इस बिल में अधिकारियों को बिना वारंट किसी भी परिसर में तलाशी लेने और संदेह होने पर गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है।

बिल का उद्देश्य कौशल-आधारित ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को प्रोत्साहित करना और ऑनलाइन मनी गेमिंग को रोकना है, जिसमें खिलाड़ी आर्थिक लाभ की उम्मीद में पैसा दांव पर लगाते हैं।

बिल की प्रमुख बातें:

* आरएमजी प्लेटफॉर्म और उनके विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध।

* बैंकों व वित्तीय संस्थानों को ऐसे प्लेटफॉर्म्स के साथ लेनदेन की अनुमति नहीं होगी।

* किसी भी परिसर, भवन, वाहन, कंप्यूटर संसाधन, वर्चुअल स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या स्टोरेज डिवाइस की तलाशी ली जा सकेगी।

* अधिकारी सुरक्षा कोड या एक्सेस कंट्रोल को ओवरराइड कर डिजिटल रिकॉर्ड तक पहुंच सकते हैं।

* उल्लंघन पर तीन साल की जेल या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना।

* विज्ञापन/प्रमोशन करने वालों को दो साल की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना।

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राजस्व का हो सकता है भारी नुकसान
वर्तमान में आरएमजी प्लेटफॉर्म पर जमा राशि पर 28% जीएसटी लागू है, जिसे बढ़ाकर 40% करने का प्रस्ताव है। ऐसे में इस प्रतिबंध से लगभग 20,000 करोड़ रुपये के टैक्स राजस्व का नुकसान हो सकता है।

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लत और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिल के परिशिष्ट में कहा कि ये प्लेटफॉर्म “व्यसनकारी व्यवहार को बढ़ावा देते हैं, जिससे वित्तीय नुकसान, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अपराध की घटनाएं बढ़ती हैं।”

सरकार का मानना है कि इस कदम से समाज में बढ़ती गेमिंग लत और आर्थिक शोषण पर अंकुश लगेगा।

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