Maratha Reservation Protest: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद अब मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने अवैध रूप से इकट्ठा होने और अशांति फैलाने के आरोप में कई मामले दर्ज किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में तीन, एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में दो, जबकि जेजे, कोलाबा और आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में एक-एक FIR दर्ज की गई है। कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है।
कहां-कितने मामले दर्ज हुए?
मुंबई पुलिस के अनुसार—
- मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
- एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में 2 एफआईआर।
- जेजे पुलिस स्टेशन, कोलाबा पुलिस स्टेशन और आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि ये कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों के बाद की गई है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था कि भीड़ को नियंत्रित किया जाए और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखी जाए।
हाईकोर्ट की नाराजगी
मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आंदोलन के चलते बिगड़ी स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की थी। चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की बेंच ने कहा था कि सड़कों पर जज के चलने की भी जगह नहीं है। हालात सामान्य करें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सड़कों से गाड़ियां हटाई जाएं और लोगों की आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
यह भी पढ़ें…
आजाद मैदान से नहीं हटेंगे मनोज जरांगे, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मनोज जरांगे ने तोड़ा अनशन
मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने मंगलवार को अपना पांच दिन लंबा आमरण अनशन समाप्त कर दिया। सरकार की ओर से उनकी ज्यादातर मांगें मान लिए जाने के बाद उन्होंने जल संसाधन मंत्री और मंत्रिमंडलीय उपसमिति अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे-पाटिल के हाथों नींबू पानी पीकर अनशन तोड़ा।
जरांगे पाटिल ने कहा कि अब सरकार ने आरक्षण देने और कुनबी प्रमाण पत्र के लिए समिति बनाने पर सहमति जताई है। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
यह भी पढ़ें…
Mumbai में मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल आमरण अनशन पर बैठे, प्रशासन अलर्ट
प्रदर्शन से शहर में जाम
धरना-प्रदर्शन के दौरान मुंबई के कई हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनज़र मनोज जरांगे के धरने को आज़ाद मैदान में जारी रखने की अनुमति से इनकार कर दिया था और मैदान खाली करने का नोटिस जारी किया था।
धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात
अनशन टूटने और मांगें माने जाने के बाद हजारों मराठा कार्यकर्ता मुंबई से अपने गांवों की ओर लौट गए हैं। फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य होती दिख रही है।
यह भी पढ़ें…